पीले पानी में कीड़े, दो माह से गंदगी
स्थानीय लोगों में आक्रोश, बीमारियों का खतरा
मध्य प्रदेश के मुरैना. जिला मुख्यालय से लगभग 18 किलोमीटर दूर नगर परिषद बानमोर में स्थानीय लोगों को पेयजल के नाम पर दूषित और कीड़े वाला पीला पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। लगभग दो माह से यह समस्या बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और गंभीर बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों की घोर लापरवाही और उदासीनता के कारण स्थानीय लोगों का स्वास्थ्य खतरे में है।
बानमोर शहर के विभिन्न वार्डों के स्थानीय नागरिक गजेंद्र सिंह कुशवाहा सुमन भदोरिया राजेश शर्मा हेमा श्रीवास्तव शिवकुमार नरेंद्र सरोज आदि ने बताया कि उन्हें वितरित किए जाने वाले पानी की टंकी की नियमित रूप से सफाई नहीं की जा रही है। और ना ही करोड़ों की लागत से बने हुए फिल्टर प्लांट में पानी को सही तरीके से फिल्टर किया जा रहा है जिसके कारण टंकी में गंदगी जमा हो गई है और पानी में कीड़े निकल रहे हैं और गंदा व पीला पानी आ रहा है। यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि यह नगर परिषद में पदस्थ जिम्मेदारों की घोर लापरवाही को भी उजागर कर रही है। और स्थानीय लोग लगातार इस दूषित पानी का सेवन कर रहे हैं, जिससे उन्हें पेट संबंधी बीमारियों, डायरिया और अन्य जल-जनित रोगों का डर सता रहा है।
दो माह से अनदेखी, बीमारियों का खतरा
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह समस्या एक-दो दिन की नहीं, बल्कि पिछले लगभग दो माह से बनी हुई है। इतने लंबे समय तक दूषित पानी की आपूर्ति होने से शहर में भयंकर बीमारी फैलने का अंदेशा बना हुआ है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका अधिक प्रतिकूल प्रभाव पडऩे की संभावना है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि उन्होंने कई बार वार्ड पार्षदों और नगर परिषद में पदस्थ जिम्मेदार अधिकारियों को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया है, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी कुर्सी पर बैठकर खुलेआम स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता पर सवाल
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस जिले से वर्तमान भाजपा सरकार में विधानसभा अध्यक्ष हैं और एक मंत्री हैं, उसी जिले की नगर परिषद बानमोर में भाजपा के ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष हैं और एक दर्जन के करीब भाजपा के पार्षद हैं उसी नगर परिषद बानमोर में स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। यह स्थिति सरकार के नल से जल योजना अभियान पर भी सवाल उठा रही है। नगर परिषद में पदस्थ जिम्मेदारों की यह उदासीनता अक्षम्य है। उनका प्राथमिक कर्तव्य अपने क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित सुविधाएं प्रदान करना है, लेकिन इस मामले में वे पूरी तरह विफल रहे हैं। स्थानीय लोगों की समस्याओं को अनसुना करना और उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ करना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है।
कलेक्टर को ज्ञापन देने की तैयारी
दूषित पानी की समस्या से त्रस्त स्थानीय लोगों ने पत्रकार अशोक शर्मा से रूबरू होकर कहा कि अब आर-पार की लड़ाई लडऩे का मन बना लिया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि पानी की टंकी की सफाई और पेयजल समस्या का समाधान अतिशीघ्र नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा नहीं किया गया, तो वे जिला कलेक्टर को ज्ञापन देंगे। यह कदम स्थानीय लोगों की हताशा और आक्रोश को दर्शाता है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा और तत्काल हस्तक्षेप कर स्थानीय नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा, जिससे किसी बड़ी स्वास्थ्य आपदा को टाला जा सके।
तब लंबे समय से आ रही गंदे पानी की गंभीर समस्या से अवगत होने पर जिला ब्यूरो अशोक शर्मा ने टंकी से वार्डो में पानी सप्लाई करने वाले कर्मचारी विशाल से संपर्क किया तो उसने मीडिया से रूबरू होकर कहा कि यह बात सही है कि कुछ समय से नलों में गंदा पानी आ रहा है और उसने बताया कि यह समस्या सिर्फ एक या दो वार्ड की नहीं है यह शहर के लगभग सभी वार्डों में गंदे पानी की समस्या बनी हुई है उसने कहा कि शहर में तीन पानी की टंकी बनी हुई है जिसमें से एक टंकी पर मेरी ड्यूटी लगी हुई है उसने कहा कि मेरे वार्डों में कहीं से भी कोई पाइपलाइन फूटी नहीं है शायद यह गंदा पानी फिल्टर प्लांट से ही टंकियो में सप्लाई हो रहा है जिसके कारण नलों से गंदा पानी आ रहा है
तब पत्रकार अशोक शर्मा फिल्टर प्लांट पर पहुंचे तो वहां पर उपस्थित कर्मचारी विष्णु और मनीष ने रूबरू होकर कहा कि यह पानी पिलूआ डेम से हमारे फिल्टर प्लांट में आ रहा है जिसे यहां पर फिल्टर किया जाता है और फिल्टर करने के बाद ही इसे शहर के विभिन्न वार्डो में सप्लाई किया जाता है यदि फिर भी गंदे पानी की शिकायत आ रही है तो उसका कारण इन्होंने अधिक बरसात को बताया उन्होंने कहा कि इस समय बरसात अधिक हो रही है जिसकी वजह से यह पानी सही तरीके से फिल्टर नहीं हो पा रहा है फिल्टर होने के बाद भी लगभग 40 प्रतिशत तक यह पानी गंदा रह जाता है उन्होंने कहा कि गंदे पानी की यह समस्या बरसात के समय पर बनी रहती है जब तक यह बरसात होती रहेगी तब तक पानी बिल्कुल स्वच्छ मिलने की संभावना नहीं है तब इस गंदे पानी की समस्या के संबंध में पत्रकार अशोक शर्मा नगर परिषद सीएमओ से संपर्क करने पहुंचे तो सीएमओ दिनेश श्रीवास्तव नगर परिषद अध्यक्षा श्रीमती गीता जाटव उपाध्यक्ष राजवीर यादव और नगर परिषद के कुछ अन्य कर्मचारी लगभग 3:30 बजे तक कार्यालय में नही पहुंचे तब इस संबंध में अशोक शर्मा ने उपस्थित कुछ अन्य कर्मचारियों से इनके अभी तक ना आने का कारण पूछा तो उन्होंने मीडिया के कैमरे के सामने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया तब वहां उपस्थित पियून सुजान सिंह राजपूत ने नगर परिषद सीएमओ दिनेश श्रीवास्तव के संबंध में बताया कि वह मीटिंग में गए हुए हैं
बतादे की इस नगर परिषद में सीएमओ समय-समय पर भले ही बदल जाए लेकिन सुजान सिंह राजपूत ऐसी स्थिति में लंबे समय से हर बार मीडिया के सामने यही कहते चले आ रहे हैं की सीएमओ साहब मीटिंग में गए हुए हैं और अन्य किसी कर्मचारी के संबंध में पूछा जाता है तो उसे फील्ड में जाना बता देते हैं
बतादे कि यह नगर परिषद कार्यालय हमेशा चर्चाओं में इसलिए भी बना रहता है कि यहां पर किसी भी अधिकारी और कर्मचारियों का आने-जाने का कोई भी समय निश्चित नहीं है वह अपनी इच्छा के अनुसार ड्यूटी करते हैं उन्हें कोई रोकने टोकने वाला नहीं है क्योंकि उनके सीनियर अधिकारी सीएमओ तो खुद समय पर कार्यालय पहुंचते नही है जिसके कारण वह अपनी मनमानी करते रहते हैं तब पत्रकार अशोक शर्मा से पार्षद अशोक राजपूत ने कहां कि यह गंदे पानी की शिकायत बरसात के कारण आ रही है जब तक यह बरसात होगी यह समस्या बनी रहेगी इसका समाधान बरसात के बाद ही होने की संभावना है और उपाध्यक्ष राजवीर यादव से मोबाइल पर चर्चा की तो उन्होंने अपने स्वास्थ्य खराब होने की बात कही और उन्होंने कहा कि यह बात सही है की बानमोर के सभी वार्डों लंबे समय से गंदे पानी की शिकायत आ रही है लेकिन मेरा स्वास्थ्य खराब होने के कारण मैं इस संबंध में बात करने में अभी असमर्थ हूं और तब अध्यक्षा श्रीमती गीता जाटव के पति लक्ष्मण जाटव ने मीडिया से रूबरू होकर कहा की कुछ जगह पर पानी सप्लाई की पाइपलाइन टूट गई थी जिसे हमने सही करा दिया है यदि फिर भी पानी गंदा आ रहा है तो हम और दूसरी जगह पाइप लाइन को चेक करा कर उसे भी जुड़वा कर समस्या का समाधान कराएंगे और इस संबंध में नगर परिषद सीएमओ दिनेश श्रीवास्तव से मोबाइल पर चर्चा हुई तो उन्होंने कहा कि मुझे गंदे पानी की समस्या के संबंध में आपके द्वारा जानकारी मिल रही है यदि ऐसी कोई समस्या है तो मैं उसकी जानकारी लेकर उस समस्या का समाधान कराने का प्रयास करूंगा ।
वाइट अध्यक्षा पति लक्ष्मण जाटव
वाइट पार्षद अशोक राजपूत
वाइट पानी सप्लाई कर्मचारी विशाल
वाइट फिल्टर प्लांट कर्मचारी विष्णु मनीष
वाइट सुजान सिंह राजपूत कर्मचारी
वाइट स्थानीय नागरिक
